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जीत का हकदार था दक्षिण अफ्रीका : कोहली

भारतीय कप्तान विराट कोहली अपनी टीम के हारने से दुखी हैं, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि दक्षिण अफ्रीका की टीम जीत की हकदार थी, क्योंकि उसने यहां चौथे वनडे में पांच विकेट की जीत के दौरान बेहतरीन जज्बा दिखाया। भारतीय टीम सीरीज में 3-0 की बढ़त के बाद शनिवार के मुकाबले में जीत की प्रबल दावेदार थी, लेकिन कुछ मिले मौकों को चूकने और बारिश के बाद दो बार पड़ी बाधा ने उसकी वनडे में जीत की लय तोड़ दी, जिससे दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज जीवंत रखी।

 

कोहली ने शनिवार की रात मौसम से प्रभावित वनडे के बाद कहा, ‘आपको दक्षिण अफ्रीका को श्रेय देना होगा। मुङो लगता है कि उन्होंने काफी शानदार जज्बा दिखाया। उन्होंने बेहतर खेल दिखाया और वे जीत के हकदार थे। उनकी टीम अच्छी है। हमें उनसे अच्छे क्रिकेट की उम्मीद थी और वे अच्छा भी खेले। हमें पता था कि एक और जीत दर्ज करने के लिए हमें अपने खेल में सर्वश्रेष्ठ होना होगा और इसके लिए बेहद कड़ा परिश्रम करना होगा।’1टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए शिखर धवन और कोहली ने अच्छा खेल दिखाया था जिससे भारत ने बारिश के कारण हुई पहली बाधा से पहले दो विकेट पर 200 रन बना लिए थे, लेकिन इसके बाद टीम लय गंवा बैठी और सात विकेट पर 289 रन ही बना सकी। दक्षिण अफ्रीका की पारी के दौरान एक बार और बारिश ने बाधा डाली, जिसके बाद उसे 28 ओवर में 202 रन का संशोधित लक्ष्य दिया गया। कोहली ने बताया कि पहली बाधा के बाद परिस्थितियों ने किस तरह उनकी टीम के खिलाफ काम किया, जिससे भारत ने 16.3 ओवरों में महज 89 रन बनाए। कोहली ने कहा, ‘ब्रेक के बाद जब शिखर और जिंक्स (अजिंक्य रहाणो) बल्लेबाजी के लिए उतरे तो विकेट थोड़ा अलग तरह बर्ताव कर रहा था। ब्रेक के बाद यह बल्लेबाजी के लिए इतना अच्छा नहीं था। ब्रेक के बाद मौसम थोड़ा ठंडा हो गया था, शाम में विकेट थोड़ा तेज हो गया और ऐसा पूरी पारी के दौरान जारी रहा। इसलिए मुङो नहीं लगता कि खिलाड़ी दूसरे हाफ में क्रीज पर जम सके।’1कोहली को लगता है कि दक्षिण अफ्रीका को बारिश की बाधा का फायदा मिला। उन्होंने कहा, ‘खेल के ओवर कम होना और लक्ष्य कम होना शायद उनके पक्ष में रहा। उन्होंने गेंद को लगातार हिट किया, भले ही परिस्थितियां कैसी भी रही हों। अगर यह पूरा मैच होता तो नहीं पता कि परिणाम कुछ और भी हो सकता था।

 

 

यह एक तरह से टी-20 का मैच था, जिसमें आप गेंदबाजों पर हावी हो जाते हो और यह तब मुश्किल हो जाता है, जब बल्लेबाज लय में आ जाता है। जब एक टीम लय में आ जाती है तो उसे रोकना काफी मुश्किल हो जाता है।’1जिस तरह से दक्षिण अफ्रीका ने लक्ष्य का पीछा किया उसके लिए भारतीय कप्तान ने उसे श्रेय दिया। उन्होंने कहा, ‘खास तौर से मिलर और उनके विकेटकीपर ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। मुङो लगता है जब हमने एबी का विकेट हासिल किया था तब हम मैच में बने हुए थे, लेकिन ये दोनों मैच को हमारी पकड़ से दूर ले गए। (खेल में दूसरी बाधा के बाद) गेंद कुछ गीली हो गई थी, लेकिन मैं यह नहीं कहूंगा कि गेंद काफी गीली थी। विकेट बल्लेबाजी के लिए अच्छा था। हमारे स्पिनर को कुछ टर्न मिल रहा था, लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने अपने मौके भुनाए और उन्हें इसका फायदा मिला। उन्होंने वाकई बहुत अच्छा खेला और वे जीत के हकदार थे।’ 1डेविड मिलर को दो बार जीवनदान देने के लिए भारतीय कप्तान ने अपनी टीम को दोष दिया। पहले डीप में मिलर का कैच छोड़ा गया और फिर उसके बाद वह युजवेंद्रा सिंह चहल की जिस गेंद पर बोल्ड हुए वह नो बॉल घोषित कर दी गई। तब वह क्रमश: छह और सात रन बनाकर खेल रहे थे।जोहानिसबर्ग, प्रेट्र: सलामी बल्लेबाज शिखर धवन ने कहा कि बारिश के कारण दो बार बाधा आना और डेविड मिलर को जीवनदान देना भारत को भारी पड़ा, जिससे दक्षिण अफ्रीका ने उनकी वनडे में शानदार लय तोड़कर चौथे वनडे में पांच विकेट से जीत दर्ज की।1धवन ने कहा, ‘मुख्य कारण निश्चित रूप से कैच छोड़ना और फिर नो बॉल के कारण एक विकेट नहीं मिलना रहा। इसके बाद से लय बदल गई, वर्ना हम बहुत अच्छी स्थिति में थे। निश्चित रूप से बारिश का भी असर पड़ा। हमारे स्पिनर उस तरह से गेंद को टर्न नहीं कर सके जैसा उन्होंने पिछले तीन वनडे मैचों में किया था। इससे अंतर पैदा होता है, क्योंकि गेंद गीली हो जाती है। यही कारण है।’भारतीय पारी के दौरान बारिश से 53 मिनट का खेल खराब हुआ। टीम दो विकेट पर 200 रन बना चुकी थी। हालांकि तब तक कोई ओवर नहीं कटा, लेकिन भारत ने अपनी लय गंवा दी और टीम सात विकेट पर 289 रन ही बना सकी। इससे दक्षिण अफ्रीका को डकवर्थ-लुइस पद्धति से 28 ओवर में 202 रन का संशोधित लक्ष्य दिया गया।

धवन ने शनिवार को अपने 100वें वनडे में शतक जड़ा था। उन्होंने कहा, ‘हमने पहले बल्लेबाजी का फैसला इसलिए किया क्योंकि शाम को गेंद यहां मूव कर रही है। यहां हवा का भी असर पड़ता है और इससे प्रभाव पड़ता है।’ धवन ने कहा कि मिलर ने जीवनदान का फायदा उठाया।जोहानिसबर्ग, प्रेट्र: दक्षिण अफ्रीका के हेनरिक क्लासेन ने कहा कि वह भारतीय कप्तान विराट कोहली के डेथ ओवरों में भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह के बजाय कलाई के स्पिनरों से गेंदबाजी कराने के फैसले से हैरान हैं। कोहली ने डेथ ओवरों में भुवनेश्वर और बुमराह से गेंदबाजी नहीं कराई, जबकि कलाई के स्पिनर काफी रन गंवा रहे थे।1क्लासेन ने कोहली की डेथ ओवर में भुवी और बुमराह से गेंदबाजी नहीं कराने की रणनीति के बारे में कहा, ‘मैं इस फैसले से काफी हैरान था। डेविड मिलर और मैं सोच रहे थे कि उन्होंने उन्हें (तेज गेंदबाजों को) अंत में दो दो ओवरों के लिए रखा हुआ है, लेकिन मुङो लगता है कि यह सीरीज अभी तक जिस तरह की रही है, उससे ही उन्होंने बचे हुए ओवरों में अपने स्पिनरों से गेंदबाजी कराई, लेकिन मैं इससे काफी हैरान था।’1कोहली का यह फैसला हालांकि कारगर नहीं रहा, क्योंकि स्पिन जोड़ी दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों को रोकने में असफल रही, जिससे उन्होंने 11.3 ओवर में 119 रन लुटाए और महज तीन विकेट हासिल किए। इस 26 वर्षीय विकेटकीपर बल्लेबाज ने टीम में चोटिल क्विंटन डि कॉक की जगह ली। उन्होंने कहा कि कुलदीप यादव ने अपनी विविधता से दक्षिण अफ्रीका को परेशान किया है। क्लासेन ने कहा, ‘मैं ऐसा नहीं कहूंगा कि हमने स्पिन की पहेली को सुलझा लिया है। सीरीज शुरू होने से पहले समस्या यह थी कि हम चाइनामैन (कुलदीप) को समझ नहीं पा रहे थे। निश्चित रूप से इससे अंतर पड़ता है क्योंकि इसलिए ही आप उनके खिलाफ रन नहीं बना पा रहे थे। किसी को भी चहल की गेंद को समझने में परेशानी नहीं हो रही थी, लेकिन वह काफी विकेट हासिल करते हुए दिख रहे हैं। हमें चाइनामैन की विविधता को समझने में दिक्कत हो रही थी, लेकिन हमने पिछले दो-तीन दिन में उस पर काफी होमवर्क किया है और इस मैच में यह कारगर होता दिखा।’’>>डेथ ओवरों में भुवी और बुमराह से नहीं कराई गेंदबाजी1’>>रन लुटाने के बावजूद जताया कुलदीप व चहल पर भरोसादक्षिण अफ्रीका पर धीमी ओवर गति के लिए जुर्माना1जोहानिसबर्ग, प्रेट्र : दक्षिण अफ्रीका पर भारत के खिलाफ चौथे वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच में धीमी ओवर गति के लिए जुर्माना लगाया गया है, जिसमें उसने पांच विकेट से जीत दर्ज कर छह मैचों की सीरीज जीवंत रखी। आइसीसी मैच रेफरी एंडी पाइक्राफ्ट ने एडेन मार्करैम की टीम की ओर से शनिवार के मैच में निर्धारित समयसीमा से एक ओवर धीमा पाया, जिससे उन्होंने जुर्माना लगाने का फैसला किया। खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए आइसीसी आचार संहिता की धारा 2.5.1 के अनुसार खिलाड़ियों पर निर्धारित समय से धीमी गेंदबाजी करने के लिए प्रत्येक ओवर के लिए 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाता है, जिसमें कप्तान पर दोगुना जुर्माना लगता है। इस तरह मार्करैम पर उनकी मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना लगा, जबकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ियों पर दस प्रतिशत जुर्माना लगा। अगर दक्षिण अफ्रीका मार्करैम के कप्तान रहते इस उल्लंघन के 12 महीने के अंदर वनडे में एक और ओवर गति का उल्लंघन करता है तो उसे मार्करैम का दूसरा उल्लंघन माना जाएगा और उन्हें एक मैच का निलंबन ङोलना होगा।

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